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Mukesh Khanna बोले, आज की महाभारत में द्रौपदी हाथ पर टैटू लगाकर करती है रोल। अन्‍य धर्म में ऐसा हुआ होता तो हो जाता फसाद।

by on December 18, 2017
 
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नई दिल्‍ली- 90 के दशक में अभिनेता मुकेश खन्‍ना छोटे पर्दे पर महानायक के रूप में उबरे। बच्‍चों ने मुकेश खन्‍ना के शक्तिमान वाले अवतार को खूब पसंद किया। वहीं दूसरे ओर घर के बड़े व बुजुर्ग उन्‍हें बीआर चोपड़ा की महाभारत में देखना पसंद करते थे। मुकेश खन्‍ना का पितामा भीषम का किरदार जिसने भी देखा वह उसका मुरीद हो गया। अपने अभिनय और मजबूत व्‍यक्तित्‍व के दम पर मुकेश खन्‍ना ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली। इन दिनों मुकेश खन्‍ना एक बार फिर चर्चा में हैं। आज के युग में टीवी पर दिखाई जा रही महाभारत में मुकेश खन्‍ना के बेबाक बोल से सभी सकते में हैं। उन्‍होंने कहा कि अगर तथयाें से तोड़़ मरोड़ की घटनाएं किसी अन्‍य धर्म में हुई होती तो बवाल हो जाता। हिन्‍दू समाज सहनशील है।

खन्‍ना ने अपने एक वीडियो भाषण में महाभारत ही नहीं अन्‍य सभी धार्मिक सीरियलों पर भी कटाक्ष  किया। उन्‍होंने कहा कि कितने लोग बीआर चोपड़ा की महाभारत देख चुके हैं और कितने लोग आज की महाभारत देख रहे हैं। आज की महाभारत अपमानजनक है। इसमें तथ्‍यों के साथ तोड़ मरोड़ किया जा रहा है। इन दिनों सीरियल में दिखाई जा रही द्रौपदी के बांह पर टैटू है। मां सत्यवती को वैंपिश लूक में दिखाया जा रहा है। महाभारत काल में धृतराष्ट्र एक अंधा व कमजोर व्‍यक्ति था, लेकिन आज की महाभारत में उसे बॉडी बिल्डर दिखाया जा रहा है। भीष्म इस तरह साधारण तरीके से प्रतिज्ञा ले लेते हैं, जिसे देखकर लगता है कि मानों इतिहास तोड़ मरोड़ दिया है।

मुकेश खन्‍ना ने कहा कि मुझे इस बात में कोई आपत्ति नहीं है कि महाभारत दोबारा बनाई जा रही है। महाभारत फिर से उसी स्‍तर की बन सकती है या नहीं, इसपर मुझे कुछ नहीं करना है। मैं खुद फिर से ये रोल नहीं कर सकता हूं जो बन चुका है। अब उस जमाने के स्‍क्रिप्‍ट राईटर, डायरेक्‍टर व प्राडयूसर नहीं मिलेंगे। खन्‍ना ने कहा कि 6 पैक्स बना लेने से कलाकार योद्धा नहीं बन सकता। आप व्यासमुनि से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हो, किसने इनको यह हक दिया है। आज की महाभारत में कुंती कुंती नहीं लगती और गांधारी गांधारी नहीं लगती। यह सब किसी और धर्म में करके देखो तलवारें निकल जाएंगी। हम सहनशील हैं, लेकिन ये हमारी ग्रेटनेस नहीं कमजोरी है।

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